Posts

Showing posts from December, 2022

तोहरा के ए जान ! भूलाइब कईसे ?

तोहरा के ए जान, भूलाइब कईसेऽऽऽ दूसरा से नेहिया लगाईब कईसे । अब ई जिनिगिया, बिताइब कईसेऽऽऽ दोसरा से……… कबो जो जरूरत पड़ी याद करीहाऽऽ रहब दोसरा के दिल में, तबो चलि आइब।  दिलवा से हमरो ना, कबो दूर जईबूऽऽ भले ई शरीरिया से, जान चलि जाई।। दिलवा के अपने, मनाईब कईसेऽऽऽ दोसरा से..... जीयतानी अबहीं ले, तोहरा भरम बाऽऽ जईसन तू गम दिहलू, मौत से का कम बा। दूसरा के साथे जहवा, बाडु फिलहाल होऽऽ दुआ बा हमार हरदम, रईहा खुशहाल हो।। तोहरा से ध्यान जान, हटाईब कइसेऽऽऽ दोसरा से नेहिया ...